Language: English with Polish Translation
Duration: 1hr 45min
Place: Krakow (Poland)
Year: September 2007
कृष्ण की शरणागति लेने के उपरान्त कोई भय नहीं रहता है । भय किससे होगा ? कृष्ण के बाहर तो कुछ है ही नहीं !
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